Some lines @PPBhaishri

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Some lines @PPBhaishri
"एक 'माटी' का दिया ,सारी रात अंधियारे से लड़ता है..
तूं तो "भगवान" का दिया है , तुं किस बात से डरता है?!"
"मिट्टी भी जमा की... और खिलौने भी बना कर देखे...
पर ज़िन्दगी कभी न मुस्कुराई फिर बचपन की तरह..!!"
"ठहर कर सूरज देखता ही नही
रोज़ शाम सँवरती है उसके लिए..."
तेरी मर्जी तू कर शामिल मुझको ,
दुआ में या गुनाहो में....."
"अश्क तो ख़ुशियों की चाहत ने दिये ,
ग़म बेचारा मुफ़्त में बदनाम है ।"
"दिया बेख़ौफ़ जलता जा रहा है.
.हवाओं को पसीना आ रहा है।"
"किताबें पड़ी रह गयीं दराज़ में सारी,
जो पढ़ा है मैंने ज़िंदगी से पढ़ा है...! "
"लिबास तय करता है बशर की हैसियत,
कफ़न ओढ़ लो तो दुनिया कांधे पे उठाती है ।"
"दुनिया में हूँ ,दुनिया का तलबगार नहीं हूँ,
बाज़ार से गुज़रा हूँ ..ख़रीदार नहीं हूँ ।"
"जिसके हिस्से में रात आयी है.....
यकीनन उसके हिस्से में चाँद भी होगा....!!"
"सर उठाये थीं बहुत सुर्ख हवायें फिर भी,
हमने पलकों से चिरागों की हिफाज़त की है।"
"नसीब वालो को मिलते है...
फिकर करने वाले ।।"
"एक खिलौना ही तो हूँ मैं आपके हाथों का,
रुठते तुम हो ............ और टूटता मैं हूँ !!"
"आंख में पानी रख्खो, होठों पे चिंगारी रख्खो,
ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रख्खो।"
"ख़ाली नहीं रहा कभी आँखों का ये मकान,
सब अश्क़ बाहर गये तो उदासी ठहर गयी।"
"कैदी ही तो है सब यहाँ,
कोई ख्वाब का तो कोई ख्वाहिशों का !!"
"शोर की तो उम्र होती है,
ख़ामोशी सदाबहार है..!!"
"किसी को हो ना सका उसके कद का अंदाजा..
वह आसमां था मगर सर झुकाए बैठा था....!!"
"इल्ज़ाम तो हर हाल में काँटों पे ही लगेगा..
ये सोचकर अक्सर कुछ फूल भी चुपचाप ज़ख्म दे जातें हैं.."
"रिश्ते और रास्ते...तब खत्म हो जाते हैं..
जब पांव नहीं...दिल थक जाते हैं ।"
"तूं जो चाहे तो तेरा झूठ भी बिक सकता है,
शर्त इतनी है कि सोने की तराज़ू रख ले।"